आप क्रिकेट फैन हैं और अक्सर सुनते हो कि BCCI ने खिलाड़ी को "सेंटरल कॉन्ट्रैक्ट" दिया। तो ये असली में क्या होता है? सरल शब्दों में, यह भारत क्रिकेट बोर्ड (BCCI) द्वारा खिलाड़ियों को दी जाने वाली एक स्थायी नौकरी जैसा अनुबंध है। इस अनुबंध से खिलाड़ी को सालाना वेतन, बीमा और कई सुविधाएँ मिलती हैं।
हर साल BCCI खिलाड़ियों को A, B और C तीन वर्गों में बाँटता है। A‑श्रेणी के खिलाड़ी सबसे ज्यादा वेतन पाते हैं, उनके पास टेस्ट, ODI और T20 दोनों फॉर्मेट में लगातार जगह रहती है। B‑श्रेणी में उन खिलाड़ियों को रखा जाता है जो अभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिर नहीं हुए लेकिन संभावनाएँ दिखा रहे हैं। C‑श्रेणी मुख्य रूप से घरेलू प्रदर्शन के आधार पर दी जाती है और ये युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच देती है।
वेतन हर श्रेणी में अलग-अलग होता है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, A‑श्रेणी खिलाड़ी सालाना लगभग ₹12 करोड़ से लेकर ₹16 करोड़ तक कमा सकते हैं, B‑श्रेणी का वेतन ₹6 करोड़‑₹9 करोड़ और C‑श्रेणी में ₹3 करोड़‑₹5 करोड़ होते हैं। इसके अलावा, सभी वर्गों को बीमा, पेंशन स्कीम और घरेलू मैचों की ग्रेस पीमेंट मिलती है। यह सब उन्हें आर्थिक सुरक्षा देती है, चाहे वे मैदान पर हों या नहीं।
कंट्रैक्ट में एक और महत्वपूर्ण बात होती है – सिलेक्टेड फॉर्मेट्स के लिए अतिरिक्त भुगतान. अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ T20 लीग में खेलता है तो उसे उस लीग की फीस से अलग बोनस मिल सकता है, जबकि टेस्ट स्टार को अलग रिवॉर्ड मिलता है। इससे खिलाड़ियों को अपने खेल पर फ़ोकस रखने का प्रोत्साहन मिलता है.
BCCI चयन समिति पिछले साल के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन, फिटनेस रिपोर्ट और टीम में भूमिका को देखती है। अगर किसी खिलाड़ी ने लगातार दो सीजन में 500 रन या 20 विकेट जैसे लक्ष्य पूरे किए हों, तो उसे A‑श्रेणी में बढ़ाया जा सकता है. वहीं चोट या फॉर्म में गिरावट से नीचे की श्रेणियों में स्थानांतरित हो सकते हैं.
कभी कभी युवा खिलाड़ियों को ‘नियमित’ कॉन्ट्रैक्ट के बजाय “न्यूनतम” अनुबंध दिया जाता है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय टीम में मौका मिलने पर तुरंत अपग्रेड मिल सके। यह लचीलापन BCCI को टीम संतुलित रखने में मदद करता है.
2024‑25 के सीज़न में BCCI ने कुछ बदलाव किए – सभी श्रेणियों में वेतन प्रतिशत बढ़ाया, खासकर C‑श्रेणी में। इसका मकसद युवा टैलेंट को बेहतर आर्थिक समर्थन देना था. साथ ही, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर खिलाड़ियों की प्रगति ट्रैक करने के लिए नई एपीआई लॉन्च की गई, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी.
भविष्य में BCCI ने कहा है कि वे "परफॉरमेंस‑बेस्ड" मॉडल अपनाएंगे. मतलब, केवल रन या विकेट नहीं, बल्कि फील्डिंग, फिटनेस और टीम प्लेयरशिप को भी अंक दिया जाएगा. इससे खिलाड़ियों को बहु‑आयामी विकास की दिशा में प्रेरित किया जाएगा.
तो अब जब आप अगली बार मैच देखते हैं और commentators "केंद्रिय अनुबंध" का जिक्र करते हैं, तो आप समझेंगे कि इसका मतलब सिर्फ वेतन नहीं, बल्कि एक पूरी सुरक्षा पैकेज है जो खिलाड़ी को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करता है. यदि आप अपने पसंदीदा क्रिकेटर की प्रगति फॉलो करना चाहते हैं, तो उनके कॉन्ट्रैक्ट वर्गीकरण पर नज़र रखें – यही अक्सर उनकी भविष्य की संभावनाओं का संकेत देता है.
BCCI ने 2024-25 के केंद्रीय अनुबंधों की घोषणा कर दी है। इस बार शर्यस अय्यर और ईशान किशन की वापसी हुई है। रोहित शर्मा और विराट कोहली सहित टॉप खिलाड़ियों को A+ श्रेणी में बरकरार रखा गया। ऋषभ पंत को श्रेणी A में पदोन्नत किया गया, संजू सैमसन और ध्रुव जुरेल को ग्रेड C में जगह मिली।
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