राघव चड्ढा और 6 अन्य AAP सांसद राज्यसभा सदस्यता बचाने के लिए दलबदल कानून का उपयोग कर भाजपा में शामिल हुए। पंजाब और दिल्ली की राजनीति में मचा हड़कंप।