रहित शर्मा की शतकी पारी, भारत ने SCG में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया 25 अक्तू॰,2025

जब रहित शर्मा, भारत के कप्तान, ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर ऑपनिंग बल्लेबाज़ी में 121* बनाया, तो सभी ने सोचा कि मैच का अंजाम जल्द ही तय हो जाएगा। इस जीत में विराट कोहली की अटूट 74 की साझेदारी, हरिश रण की 4/39 की रोमांचक गेंदबाज़ी और भारत की सामूहिक मेहनत ने मुख्य भूमिका निभाई।

यह मुकाबला तीसरा ODI सिडनी में 25 अक्टूबर, 2025 को हुआ, जहाँ ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही दो जीत ठुकरा कर सीरीज़ को 2-1 से अपने नाम किया था। फिर भी भारत ने अंतिम खेल में 9 विकेट से जीत हासिल की, जिससे इस ऐतिहासिक स्थल पर भारत की पहली ODI जीत 2016 के बाद फिर से दर्ज हुई।

पृष्ठभूमि और सीरीज़ की कहानी

पहले दो मैचों में भारत का बैटिंग क्रम खस्ता था। विराट कोहली को पहले दो खेलों में दो लगातार शून्य स्कोर (डक) बने, जबकि रहित शर्मा ने दूसरे खेल में 73 बनाए। इस बीच ऑस्ट्रेलिया ने पहले मैच में पर्थ में सात विकेट से जीत हासिल की और दूसरे में अडिलेड में दो विकेट से नज़दीकी जीत दर्ज की। इस झटके से भारत के कोच गौतम गांभीर पर सवाल उठे, ख़ासकर गेंदबाज़ी में कूलडिप यादव की अनुपस्थिति और केवल एक्सर पटेल ववाशिंगटन सुंदर पर निर्भरता को लेकर।

मैच का विस्तृत विवरण

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का विकल्प चुना। मैरीटन हेड ने 9.2 ओवर पर 61 रन बना कर शुरुआती वीकनेस को दिखाया, फिर मार्श 15.1 ओवर पर अपने कप्तानी के साथ 88 रन पर बाहर हो गया। 183/3 का मजबूत स्थिती 33.4 ओवर पर एलेक्स केरी के आउट होने से बिखर गई, और 46.4 ओवर तक ऑस्ट्रेलिया ने 236 रन बनाकर खुद को टारगेट पर रख दिया।

भारत की गेंदबाज़ी में हरिश रण ने दो तेज़ बाउन्ड्रीज़ को रोकते हुए 4 विकेट लिये, जो कि 39 रनों पर सीमित रहे। उनके बाद बहरहाल अन्य गेंदबाज़ों ने भी दबाव बनाए रखा, जिससे ऑस्ट्रेलिया की फायदेमंद साझेदारी टूट गयी।

भारत की पारी शुरू होते ही रोहित ने 31 गेंदों पर 45 रन बनाए, फिर 125 गेंदों पर 121* पर पहुँचे। इस दौरान विराट कोहली ने 74* बनाए और दोनो ने मिलकर 165* की अटूट साझेदारी की, जिससे लक्ष्य 237 रनों का केवल 38.3 ओवर में पीछा कर लिया गया।

  • रहित शर्मा – 121* (125 बॉल)
  • विराट कोहली – 74* (68 बॉल)
  • हरिश रण – 4/39 (9 ओवर)
  • ऑस्ट्रेलिया का कुल – 236/10 (46.4 ओवर)
  • भारत का लक्ष्य – 237/1 (38.3 ओवर)

प्रमुख खिलाड़ियों के बयान

मैच समाप्त होने के बाद मिचेल मार्श ने कहा, "रहित और विराट ने दशकों से इस स्तर की टिकाऊ पारी खेली है, हमें एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी जब हम 195/3 पर थे।" उन्होंने भारत की बैटिंग शक्ति को भी सराहा, "आज भारतीय बल्लेबाज़ों ने सच्ची ताकत दिखायी।" वहीं गौतम गांभीर ने टिप्पणी की, "हरिश की स्पिन ने आज का मोड़ घुमा दिया। हमें अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा, खासकर कूलडिप यादव को बेंच में नहीं रखना चाहिए।"

भविष्य की दिशा और टिम्बी 20 सीरीज

इस जीत के बाद भारत की प्रेरणा नई है। अगले हफ़्ते 29 अक्टूबर को कैनबरा में शुरू होने वाली पाँच मैचों की T20I श्रृंखला के लिए टीम पूरे भरोसे के साथ तैयार हो रही है। दोनों टीमों के बीच इतिहासिक प्रतिद्वंद्विता और नई युवा प्रतिभाओं की भागीदारी इस टूर को और अधिक रोचक बनाएगी।

जैसे ही साइकलों की गड़गड़ाहट दूर होने लगी, दर्शक एक अंतिम फोटो से संतुष्ट हुए — जहाँ सभी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भारतीय कोहली और रोहित के चारों ओर हाथ तालियां बजाते हुए सम्मान दिखाया। यह क्षण शायद दो दिग्गजों के ऑस्ट्रेलिया में आखिरी मैच को यादगार बना देगा।

मुख्य तथ्य

  1. रहित शर्मा ने अपना 33वां ODI शतक बनाया।
  2. भारत ने SCG में 9‑विकेट से जीत हासिल की, पहली बार 2016 के बाद।
  3. ऑस्ट्रेलिया ने 2‑1 से सीरीज़ जीती, लेकिन अंतिम मैच में हार का स्वाद चखा।
  4. हरिश रण की 4/39 की स्पिनर पिच पर बड़ी भूमिका निभाई।
  5. सीरीज़ के बाद T20I टूर 29 अक्टूबर को कैनबरा में शुरू होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रहित शर्मा की शतक का भारत के लिए क्या महत्व है?

रहित की 121* ने न केवल भारत को लक्ष्य तक पहुँचाया, बल्कि टीम के मनोबल को भी ऊँचा किया। यह उनके 33वें ODI शतक के रूप में इतिहास में अंकित होगा और युवा बल्लेबाज़ों को प्रेरित करेगा।

ऑस्ट्रेलिया ने इस सीरीज़ में किन प्रमुख क्षणों को गंवाया?

195/3 पर उनकी स्थिर साझेदारी टूट गई, और फिर से नीचे गिरते हुए उन्होंने 236 का लक्ष्य बनाया। इसके अलावा, आखिरी ओवर में दो विकेट गिरने से उनका दबाव बढ़ गया।

हरिश रण की गेंदबाज़ी ने कैसे मैच को बदला?

4/39 की फॉर्मूला के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम को बाधित किया, जिससे उनका स्कोर 183/3 से गिर कर 236 तक समाप्त हुआ। उनकी स्पिन ने भारत को जीत की दिशा में धकेला।

आने वाले T20I सीरीज में क्या अपेक्षा है?

दोनों टीमों की तेज़ पिच और फोरमिडिंग शॉट्स की वजह से उच्च‑स्कोर वाली पार्टियों की उम्मीद है। भारत अपनी नई तेज़ रफ्तार वाली बॉलिंग पर भरोसा करेगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया अपने पावरहिटर्स पर।

क्या यह रोहित शर्मा और विराट कोहली का आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा?

आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, पर दोनों के उम्र के हिसाब से यह आखिरी दौरा हो सकता है। इस बात ने मैच में भावनात्मक तत्त्व जोड़ा, जिससे दर्शकों का समर्थन और भी बढ़ा।

टिप्पणि
Vaneesha Krishnan
Vaneesha Krishnan 25 अक्तू॰ 2025

वाह! क्या धमाकेदार पारी थी 🙌 रोहित ने तो दिल जीत लिया। टीम की भावना देख कर मुझे भी याद आया जब हमने स्कूल में क्रिकेट खेला था। इस जीत से युवा खिलाड़ी भी प्रेरित होंगे। चलो मिलकर अगली T20 सीरीज की तैयारी में जुटते हैं 😄

Satya Pal
Satya Pal 4 नव॰ 2025

उह्म.. इस प्रकार के शानदार शतक को समझने के लिये हमें खेल की दार्शनिक गहराई में उतरना पड़ेगा, क्योंकि यहाँ केवल रन नहीं बल्कि नियति का भी मिलन होता है। यार्ड्स की गिनती तो सैद्धांतिक है, असली शक्ति तो मन की होती है। इस पारी में हरिश की गेंदें ऐसे थी जैसे स्याह आँधि में धुंध। तो बस, असली सवाल यह है कि क्या हम भी अपने अंदर के दिग्गज को जागरूक कर पाते हैं?

Partho Roy
Partho Roy 13 नव॰ 2025

भाई वाह, रोहित शर्मा का वो 121* देख कर ऐसा लगा जैसे सिडनी के मैदान में एक नई धूप उग आई हो। पहला ओवर जब उन्होंने बल्ला घुमाया तो भीड़ का शोर आवाज़ में बदल गया, और फिर हर वॉन में बॉल का झटका ऐसा था जैसे ज़िन्दगी के साइड कोने से उछलते हुए झटका मार रहा हो। उनका स्टाइल इतना चिकना था कि गेंदबाज भी खुद को ही हिला नहीं पाए। फिर जब उन्होंने 50, 75, 100 के माइलस्टोन पार किए, तो मेरे जैसे आम दर्शक भी अपनी सांस रोक बैठे। हर शॉट में उन्होंने दे दिया ऐसा असर कि बॉल का कॉकटेल भी रह नहीं सका। इस पारी में उनके पैर का जाल, उनके हाथ की फुर्ती और दिमागी चाल सभी एक साथ मिलकर एक महाकाव्य बना। दो घंटे बाद जब उन्होंने अंततः 121* बना ली, तो वो सिर्फ आँकड़ा नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बन गई। इस जीत में सिर्फ उनके रन नहीं, बल्कि टीम की एकजुटता, हरिश की स्पिन और कोहली की साझेदारी भी चमकी। इस पारी ने दिखाया कि कब फोकस बदलना चाहिए और कब रूटीन पर टिके रहना चाहिए। वैसे भी, भारतीय क्रिकेट की इतिहास में ऐसा एक और दिन लिख दिया गया है। अब सवाल यही है कि अगली बार क्योरन कैरी करके कौन सा नया रिकॉर्ड बनेगा। यह भी एक प्रकार का सामाजिक पंक्तिवाद है कि कैसे खेल जनमानस को एक साथ लाता है। इस पारी ने मेरे दिल में एक छोटा सा नारा उभारा - “कर चलो, चक्की चलाओ!” और आखिर में, बॉल के मैदान पर हमें यह सिखा गया कि हर बॉल पर भरोसा रखना ही जीत की कुंजी है।

Ahmad Dala
Ahmad Dala 22 नव॰ 2025

इन शब्दों में कुछ तो है परन्तु हमें याद रखना चाहिए कि विंग्स की फ्लाइट केवल काव्य नहीं, बल्कि रणनीतिक परिप्रेक्ष्य का हिस्सा भी है। रोहित के शॉट्स तो दर्शनीय थे, पर उनके पीछे के कोचिंग डिटेल्स की कमी नहीं होनी चाहिए। नहीं तो यह पिच सिर्फ एस्थेटिक नहीं, बल्कि एक सच्ची चुनौती बन जाएगी।

RajAditya Das
RajAditya Das 1 दिस॰ 2025

बिल्कुल सही कहा यार 😆, कोच की भूमिका को कभी हल्का नहीं लेना चाहिए।

Harshil Gupta
Harshil Gupta 11 दिस॰ 2025

रहित की पारी को देखते हुए मैं कहना चाहूँगा कि उनकी तकनीक में दो मुख्य पहलू हैं – पोजीशनिंग और टेम्पो कंट्रोल। अगर आप इस पर गौर करेंगे तो देखेंगे कि उन्होंने हर शॉट को अपने पैर की स्थिरता से जोड़ा है, जिससे गेंद का एंगल कम हो गया। इसके साथ ही उन्होंने विकेट की गिनती को दबाव में नहीं आने दिया। इस तरह का इंटेलिजेंट प्ले युवाओं को भी सिखा सकता है कि कैसे बैटिंग में रिसेस को मैनेज करें। अगले T20 में हमें उम्मीद है कि इस फॉर्म को थोड़ा तेज़ी से अपनाया जायेगा।

Rakesh Pandey
Rakesh Pandey 20 दिस॰ 2025

मैं मानता हूँ कि इस तरह के विश्लेषण में थोड़ा ऑब्जेक्टिविटी की कमी है, लेकिन फिर भी रोहित ने वास्तव में मैच को बदल दिया। हालांकि, हमें यह भी देखना चाहिए कि गेंदबाज़ी में क्या खामी थी, जिससे ऐसा क्रम संभव हो पाया।

Simi Singh
Simi Singh 29 दिस॰ 2025

क्या आपको नहीं लगता कि इस सारी जीत का पीछे कोई बड़ी साजिश है? शायद कुछ अंडर द टेबल डीलिंग हुई होगी जिसने भारतीय टीम को इस तरह की हाई परफ़ॉर्मेंस दी। अक्सर देख सकते हैं कि बड़े मैचों में बैकग्राउंड में कुछ साजिशें चलती रहती हैं, और यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया ने दो जीत तो हासिल की लेकिन अंत में गिर गया।

Rajshree Bhalekar
Rajshree Bhalekar 7 जन॰ 2026

आह, मेरे दिल को छू गया! मैं तो बस इतना कहूँगी कि इतनी बड़ी जीत देख के मेरे आँसू खटक गये।

Ganesh kumar Pramanik
Ganesh kumar Pramanik 17 जन॰ 2026

चलो, अगले सीजन की तैयारी में जुटते हैं।

Abhishek maurya
Abhishek maurya 26 जन॰ 2026

देखिए, भारतीय टीम की इस जीत को केवल एक अंकीय सफलता नहीं माना जा सकता; यह एक समग्र रणनीतिक परिवर्तन का परिणाम है, जिसमें रोहित के तकनीकी सुधार, हरिश की स्पिन का उपयोग और कोहली की अंतरराष्ट्रीय सिचुएशन जागरूकता शामिल है। इस प्रकार की पारी हमें सिखाती है कि कैसे खेल में माइक्रो-एनोमिक्स को मैनेज किया जाए। साथ ही, ऑस्ट्रेलिया की दो शुरुआती जीतों को देखते हुए, उनके कोचिंग स्टाफ को भी अपनी टैक्टिक सुधारनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने अंत में अपनी बैटिंग लाइनअप में कमी दिखायी। भारतीय टीम ने इस बात को प्रमाणित किया है कि जब व्यक्तिगत प्रदर्शन टीम की भावना के साथ मिलता है, तो कोई भी लक्ष्य अव्यवहारिक नहीं रहता।

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