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मई,2026
बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में 'नेपोटिज्म' (nepotism) की चर्चा तो हमेशा होती रहती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका एक उल्टा रूप भी हो सकता है? आर्यमान सेठी, अभिनेत्री अर्चना पुरन सिंह के बड़े बेटे, ने हाल ही में अपने करियर का यह पहला बड़ा कदम उठाया है। 1 सितंबर 2025 को उनकी मेहनत रंग लाई जब उन्हें एक कार विज्ञापन (car commercial) में काम मिला। यह कोई साधारण खबर नहीं है; यह उस लंबी और थका देने वाली यात्रा का परिणाम है जिसमें उन्होंने लगभग 1000 ऑडिशन दिए थे।
आर्यमान ने अपनी YouTube व्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर अपनी फiancée योगिता बिहानी के साथ यह खुशी साझा की। उनके चेहरे पर जो उत्साह था, वह शब्दों में बयां करना मुश्किल था। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। असली दिलचस्पी तब शुरू होती है जब हम बात करते हैं कि एक ऐसे परिवार का बच्चा, जहां माता-पिता इंडस्ट्री के दिग्गज हैं, कैसे संघर्ष करता है।
आर्यमान सेठी का सफर इतना सहज नहीं रहा। मार्च 2025 में, उन्होंने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्होंने 100 ऑडिशन दिए हैं, लेकिन एक भी रोल नहीं मिल पाया। उस समय उन्होंने एक नए शब्द का प्रयोग किया था – "रिवर्स नेपोटिज्म"। इसका मतलब था कि इंडस्ट्री में उनके माता-पिता की प्रतिष्ठा के बावजूद, उन्हें नकारात्मक नजरिए से देखा जा रहा था। लोग मानते थे कि वे किसी नेपोटिज्म के जरिए एंट्री ले रहे हैं, भले ही वे खुद मेहनत कर रहे हों।
यह स्थिति अक्सर उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है जो स्थापित नाम के बच्चे होते हैं। इंडस्ट्री में अक्सर यह धारणा होती है कि ऐसे लोग आसान रास्ता चुनेंगे, इसलिए उनके प्रति अधिक सख्त दृष्टिकोण अपनाया जाता है। आर्यमान के मामले में, यह पूर्वाग्रह स्पष्ट था। उन्होंने अपने व्लॉग में कहा कि कैसे लोग उनके कौशल को नहीं देखकर, बल्कि उनके पिता परमीत सेठी और माता अर्चना पुरन सिंह के नाम को देखकर निर्णय लेते थे।
हालांकि, आर्यमान ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने छोटे भाई आयुष्मान सेठी और अपने पिता परमीत सेठी के साथ मिलकर लगभग 1000 ऑडिशन दिए। यह संख्या सुनने में ही चौंकाने वाली है। हर ऑडिशन के बाद रिजेक्शन, फिर भी वे अगले दिन फिर से स्टूडियो पहुंच जाते थे। यह अनुशासन और लगन ही थी जिसने अंत में दरवाजा खोला।
इस सफलता के पीछे परिवार का भूमिका अहम रही। आर्यमान ने विशेष रूप से अपने पिता परमीत सेठी और भाई आयुष्मान सेठी का धन्यवाद किया, जिन्होंने पूरे ऑडिशन प्रक्रिया के दौरान उनका साथ दिया। जब आर्यमान ने यह खबर सुनाई, तो उनकी आँखों में आंसू थे। यह केवल एक काम मिलने की खुशी नहीं थी, बल्कि अपने कौशल को स्वीकार करवाने की जीत थी।
पिता परमीत सेठी की प्रतिक्रिया सरल लेकिन गहराई से भरी थी। उन्होंने अपने बेटे को देखकर कहा, "मेरा कमाऊ पुत्र"। यह वाक्य केवल वित्तीय सफलता की ओर इशारा नहीं करता, बल्कि यह दर्शाता है कि पिता के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह देखना है कि उनका बेटा अपने पैरों पर खड़ा होकर कमा रहा है। यह क्षण परिवार के लिए बहुत ही भावुक और महत्वपूर्ण रहा।
माता अर्चना पुरन सिंह भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में 30 साल से अधिक के करियर की मिसाल हैं। 1990 के दशक से लेकर आज तक, उन्होंने कॉमेडी और ड्रामा दोनों में अपना अलग पहचान बनाई है। उनकी उपस्थिति स्क्रीन पर हमेशा से ही एक आकर्षण रही है। हालांकि, उनके बेटे को इस प्रतिष्ठा का लाभ शुरू में नहीं मिला। बल्कि, यह प्रतिष्ठा एक तरह से बाधा बन गई।
अर्चना पुरन सिंह ने डिजिटल मीडिया में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। उनके परिवार के YouTube चैनल पर वे अपने पति और दोनों बेटों के साथ सामग्री शेयर करते हैं। यह सामग्री केवल मनोरंजन के लिए नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे एक पारंपरिक फिल्म परिवार डिजिटल युग के साथ खुद को ढाल रहा है। आर्यमान की व्लॉगिंग भी इसी धारा का हिस्सा है, जहाँ वे अपनी दैनिक जीवनशैली और करियर की लड़ाई को दर्शकों के सामने रखते हैं।
आर्यमान सेठी की यह सफलता भारतीय मनोरंजन उद्योग में एक नई चर्चा का कारण बनी है। यह दिखाता है कि मेहनत और धैर्य अंततः जीत जाता है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों। 1000 ऑडिशन देने के बाद मिला पहला एड, न केवल आर्यमान के लिए एक व्यक्तिगत विजय है, बल्कि यह उन सभी युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो अपने करियर की शुरुआत में संघर्ष कर रहे हैं।
भविष्य में, आर्यमान को उम्मीद है कि यह कार विज्ञापन उनके करियर के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा। जैसे-जैसे वे अधिक काम करेंगे, इंडस्ट्री में उनके प्रति दृष्टिकोण बदल सकता है। अब, लोग उनके कौशल को देखेंगे, न कि केवल उनके परिवार के नाम को। यह बदलाव धीरे-धीरे आएगा, लेकिन आर्यमान के पास अब वह आत्मविश्वास है जो उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगा।
आर्यमान सेठी ने अपने पहले प्रोफेशनल एक्टिंग रोल को सुरक्षित करने के लिए लगभग 1000 ऑडिशन दिए थे। इस प्रक्रिया में उनके पिता परमीत सेठी और छोटे भाई आयुष्मान सेठी का सक्रिय सहयोग शामिल था।
आर्यमान सेठी को 1 सितंबर 2025 को एक कार विज्ञापन (car commercial) में काम मिला। यह उनका पहला प्रोफेशनल एक्टिंग प्रोजेक्ट है, जिसे उन्होंने अपनी YouTube व्लॉग पर घोषित किया।
रिवर्स नेपोटिज्म वह स्थिति है जहां इंडस्ट्री में किसी के माता-पिता की प्रतिष्ठा के कारण उन्हें नकारात्मक नजरिए से देखा जाता है। आर्यमान सेठी ने बताया कि लोग उनके कौशल को नजरअंदाज करके, केवल उनके परिवार के नाम को देखकर निर्णय लेते थे।
परमीत सेठी ने अपने बेटे की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "मेरा कमाऊ पुत्र"। यह कथन उनके पिता के रूप में उनके बेटे के स्वतंत्र रूप से कमाने की क्षमता के प्रति their pride को दर्शाता है।
मार्च 2025 में, आर्यमान सेठी ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्होंने 100 ऑडिशन दिए थे लेकिन कोई रोल नहीं मिला था। उस समय उन्होंने रिवर्स नेपोटिज्म की चुनौतियों के बारे में बात की थी।