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जुल॰,2026
30 जून 2026 को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने एक ऐसी घोषणा की है जिसने लाखों निवेशकों की साँसें थोड़ी आराम से ली हैं। जुलाई से सितंबर 2026 के तिमाही अवधि के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी, आपका पैसा अभी भी वही सुरक्षित और अच्छा रिटर्न दे रहा है। लेकिन सवाल यह है कि PPF, SSY और SCSS में से कौन सी योजना आपको पहले लखपति बनाएगी?
आमतौर पर हर तिमाही में वित्त मंत्रालय इन दरों की समीक्षा करता है। पिछली बार जब ये दरें बदली गई थीं, तो वह जनवरी-मार्च 2023-24 की बात है। इसके बाद से लगभग तीन साल तक ये दरें स्थिर रही हैं। इस नवीनतम अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक सभी प्रमुख योजनाओं पर ब्याज दरें वैसी ही रहेंगी जैसे वे पहले तिमाही में थीं।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी सूची में कुछ नाम ऐसे हैं जो निवेशकों के लिए 'गोल्डमइन' साबित हो सकते हैं। चलिए, संख्याओं को गौर से देखते हैं:
स्पष्ट तस्वीर यह है कि वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और सुकन्या समृद्धि योजना इस समय सबसे अधिक ब्याज दे रही हैं। दोनों ही 8.2% की दर पर चल रही हैं, जो बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से काफी बेहतर है। वहीं, PPF पर 7.1% की दर अगर कम लगती है, तो याद रखें कि इसकी टैक्स छूट और सुरक्षा इसे एक अलग ही दंगे का खेल बनाती है।
अक्सर हम ब्याज दरों को देखकर भ्रमित हो जाते हैं, लेकिन असली जादू 'कंपाउंडिंग' (Compound Interest) का होता है। आइए, दो प्रमुख योजनाओं की तुलना करें ताकि आपको पता चले कि कौन सी योजना आपके लक्ष्य को जल्दी पूरा कर सकती है। मान लीजिए कि आप हर साल ₹10,000 निवेश करते हैं।
1. सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF)
PPF की अवधि 15 वर्ष है। यदि आप लगातार 15 साल तक सालाना ₹10,000 जमा करते हैं, तो कुल निवेश राशि ₹1.50 लाख होगी। 7.1% की ब्याज दर पर, परिपक्वता (Maturity) पर आपको लगभग ₹2.71 लाख मिलेंगे। यह राशि निश्चित रूप से अच्छी है, खासकर क्योंकि यह पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाली है।
2. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
यहाँ कहानी थोड़ी अलग है। SSY भी 15 वर्ष की अवधि के लिए होती है (हालांकि ब्याज 21 वर्ष तक चल सकता है)। उसी ₹10,000 के वार्षिक निवेश पर, 8.2% की उच्च ब्याज दर के कारण, 15 साल बाद आपका खाता लगभग ₹4.79 लाख का हो जाएगा। देखिए, सिर्फ 1.1% का अंतर ब्याज दर में, लेकिन रिटर्न में ₹2 लाख से ज़्यादा का फर्क! यह इसलिए है क्योंकि SSY में ब्याज दर PPF से अधिक है और यह विशेष रूप से बेटियों के भविष्य के लिए डिज़ाइन की गई है।
बुजुर्गों के लिए वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) एक बहुत ही लोकप्रिय विकल्प रही है। इसकी खासियत इसकी छोटी अवधि और नियमित ब्याज भुगतान में है। SCSS की अवधि 5 वर्ष है, जिसे 3 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।
जागरण और अन्य वित्तीय स्रोतों के अनुसार, SCSS में न्यूनतम निवेश ₹1,000 से शुरू होता है और वार्षिक अधिकतम निवेश सीमा ₹30 लाख है। 8.2% की ब्याज दर त्रैमासिक आधार पर दी जाती है। उदाहरण के लिए, यदि आप ₹15 लाख SCSS में लगाते हैं, तो आपको हर तिमाही में अच्छी मात्रा में ब्याज मिलेगा, जो बुजुर्गों के लिए एक स्थिर आय का स्रोत बन जाता है। यह PPF से बेहतर है क्योंकि PPF में पैसा 15 साल तक लॉक होता है, जबकि SCSS में 5 साल बाद आप अपनी राशि वापस ले सकते हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25% की ब्याज दर को लगातार तीसरे साल बरकरार रखा है। यह दर SCSS और SSY की 8.2% से थोड़ी अधिक है। हालांकि, EPF में निवेशकर्ता स्वयं निवेश नहीं कर सकते (यह नियोक्ता और कर्मचारी द्वारा किया जाता है), जबकि PPF, SSY और SCSS में आप अपने मनमाने अनुसार निवेश कर सकते हैं। इसलिए, तुलना करते समय यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि EPF एक अनिवार्य निवेश है, जबकि अन्य योजनाएं वैकल्पिक हैं।
वित्त मंत्रालय हर तिमाही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की रेपो रेट और सरकारी ऋण लागत को ध्यान में रखकर ये दरें तय करता है। चूंकि पिछले कई तिमाहियों से दरें स्थिर रही हैं, इसलिए निवेशकों को उम्मीद है कि अगली बार दरों में बदलाव तभी आएगा जब मौद्रिक नीति में कोई बड़ा बदलाव होगा। वर्तमान में, इन योजनाओं में निवेश करना एक सुरक्षित और लाभदायक विकल्प बना हुआ है।
यदि आपकी उद्देश्य बेटियां हैं, तो SSY बेहतर है क्योंकि इस पर 8.2% ब्याज मिलता है, जबकि PPF पर 7.1% है। समान निवेश पर SSY में रिटर्न PPF से काफी अधिक होता है। हालांकि, PPF किसी भी व्यक्ति के लिए उपलब्ध है और इसमें टैक्स लाभ भी मिलता है।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) में वार्षिक अधिकतम निवेश सीमा ₹30 लाख है। न्यूनतम निवेश राशि ₹1,000 है। यह योजना केवल उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए है जो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं, या जिनकी सेवा सेवानिवृत्ति हुई है।
नहीं, वित्त मंत्रालय ने 30 जून 2026 को घोषणा की है कि जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए सभी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वे पिछली तिमाही जैसी ही रहेंगी।
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) की अवधि 5 वर्ष है और इस पर 7.7% ब्याज मिलता है, जबकि PPF की अवधि 15 वर्ष है और इस पर 7.1% ब्याज मिलता है। NSC की अवधि छोटी होने के कारण यह लचीलापन प्रदान करता है, लेकिन PPF में कंपाउंडिंग का प्रभाव लंबी अवधि में ज़्यादा दिखता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25% की ब्याज दर लागू है। यह दर SCSS और SSY की 8.2% से थोड़ी अधिक है, लेकिन EPF में निवेशकर्ता स्वतंत्र रूप से निवेश नहीं कर सकते, यह नौकरी के आधार पर होता है।