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जून,2026
जब मुकेश धीरुभाई अंबानी, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक of Reliance Industries Limited, ने पिछले साल की वार्षिक आम बैठक (AGM) में यह वादा किया था कि Reliance Jio Infocomm Limited को 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा, तो बाजार में सन्नाटा छा गया था। लेकिन अब वह दिन दूर नहीं है। खबरों के मुताबिक, रिलायंस जियो अपनी बड़ी घोषणा के लिए पूरी तरह तैयार है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को जमा करने की अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है। सबसे रोचक बात यह है कि यह फाइलिंग रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM)मुंबई से ठीक पहले हो सकती है, जो 19 जून 2026 को दोपहर 2 बजे आयोजित होगी।
बाजार में चर्चा है कि यह आईपीओ लगभग 4 अरब डॉलर (लगभग ₹37,500 करोड़) का हो सकता है। यह राशि भारत के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक बनने की संभावना रखती है। Kotak Neo जैसे ब्रोकर्स के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) दोनों ही 15 जून के सप्ताह में SEBI के पास अपनी DRHP फाइल करने की संभावना पर विचार कर रहे हैं।
यहाँ महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक किसी भी आधिकारिक दस्तावेज़ में ओपनिंग डेट, क्लोजिंग डेट, प्राइस बैंड या लॉट साइज का उल्लेख नहीं किया गया है। Upstox और 5paisa जैसे प्लेटफ़ॉर्म स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि ये विवरण अभी अनुमानित हैं और आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा में हैं।
कोई भी मेगा आईपीओ बिना नियामक मंजूरी के हवा में नहीं उड़ सकता। SEBI की भूमिका यहाँ निर्णायक होगी। जब जियो अपना DRHP जमा करेगा, तो इसके बाद कई हफ्तों तक नियामकों द्वारा पूछताछ और स्पष्टीकरण देने की प्रक्रिया चलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सब कुछ सुचारू रूप से होता है, तो इस प्रक्रिया में 2-3 महीने लग सकते हैं।
Money9 की एक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि नए नियमों के तहत, कंपनियां अब 5% के बजाय न्यूनतम 2.5% हिस्सेदारी बेच सकती हैं। इसमें बदलाव ने जियो को छोटे हिस्सेदारी विकल्प के साथ आगे बढ़ने का रास्ता दिया है, जिससे मौजूदा शेयरधारकों के लिए प्रत्यक्ष लाभ की संभावना बढ़ जाती है।
जियो में पहले से ही विश्व स्तर की टेक दिग्गज Google LLC और Meta Platforms Inc. निवेशक हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, Meta ने जियो में लगभग 9.99% हिस्सेदारी के लिए ₹43,574 करोड़ निवेश किए थे, जबकि Google ने 7.73% हिस्सेदारी के लिए ₹33,737 करोड़ लगाए थे।
यदि जियो का वैल्यूएशन $150 अरब डॉलर के आसपास स्थिर रहता है, तो इन टेक दिग्गजों के निवेश का मूल्य कई गुना बढ़ सकता है। एक YouTube वीडियो में दावा किया गया है कि Meta का निवेश लगभग ₹1,29,000 करोड़ तक और Google का ₹99,000 करोड़ तक पहुंच सकता है। हालाँकि, यह केवल एक अनुमान है और बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।
यहाँ एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। सोशल मीडिया और कुछ अनौपचारिक स्रोतों पर 'ग्रै मार्केट प्रीमियम (GMP)' के बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिनमें ₹93 या अन्य राशियों का जिक्र है। Groww और 5paisa जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफ़ॉर्म स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि कोई आधिकारिक GMP घोषित नहीं हुआ है।
याद रखें, जब तक DRHP पब्लिक नहीं होता और प्राइस बैंड तय नहीं होता, तब तक GMP केवल एक अटकलना है। निवेशकों को ऐसे अनौपचारिक आंकड़ों पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
अभी तक रिलायंस जियो IPO की कोई आधिकारिक ओपनिंग या क्लोजिंग डेट घोषित नहीं की गई है। अपेक्षित है कि कंपनी 19 जून 2026 की AGM से पहले SEBI में DRHP फाइल करेगी, जिसके बाद तिथियां तय होंगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो IPO का आकार लगभग 4 अरब डॉलर (₹37,500 करोड़) हो सकता है। यह कंपनी के कुल वैल्यूएशन का लगभग 2.5% हिस्सा होगा।
नहीं, अभी तक कोई आधिकारिक GMP घोषित नहीं हुआ है। बाजार में फैली ₹93 या अन्य राशियों की अफवाहें अनौपचारिक हैं और उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
अभी लॉट साइज और प्राइस बैंड तय नहीं हुए हैं। वर्तमान बाजार रुझानों के आधार पर, खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,000 से ₹15,000 के बीच हो सकता है, लेकिन यह आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा में है।
Google और Meta जियो प्लेटफॉर्म्स के मौजूदा बड़े निवेशक हैं। IPO से उनके निवेश का मूल्य बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन वे सीधे IPO प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं।