NEET का पेपर लीक्स साल‑दर‑साल सुनाई देता है, लेकिन हर बार इसका असर अलग होता है। अगर आप भी अगली परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो इस लेख में आपको पता चलेगा कि लीक क्यों होती है, कौन जिम्मेदार हो सकता है और क्या कदम उठाए जाएँ जिससे आपका स्कोर सुरक्षित रहे।
लीक का मुख्य कारण अक्सर अंदरूनी लोगों की मदद से होता है – जैसे परीक्षा केंद्र के कर्मचारी, प्रॉक्टर या बाहरी एजेंसियों के साथ जुड़ी टीमें। कभी‑कभी साइबर हमले या सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भी फेलाव पैदा करती हैं। ये सब चीज़ें इसलिए होती हैं क्योंकि पेपर का निर्माण, वितरण और संग्रहण एक ही समय में कई लोगों को शामिल करता है। जब सुरक्षा कमज़ोर हो तो डेटा चोरी आसान हो जाता है।
एक और कारण है परीक्षा के बड़े पैमाने पर आयोजन की जटिलता। हर साल लाखों छात्रों को अलग‑अलग शहरों में पेपर देना पड़ता है, इसलिए कई बार लॉजिस्टिक त्रुटियाँ भी लीक का रास्ता बना देती हैं। कुछ केस में तो पेपर प्रिंटर या सॉफ़्टवेयर के बग्स की वजह से फाइलें गलती से सार्वजनिक हो जाती हैं।
सबसे पहला कदम है भरोसेमंद स्रोतों पर ध्यान देना। आधिकारिक वेबसाइट, NTA का पोर्टल या सरकारी विज्ञप्ति ही सही जानकारी देते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरें अक्सर झूठी होती हैं; अगर कोई अनजान लिंक या फ़ाइल मांगे तो तुरंत बंद कर दें।
अपनी तैयारी में भी बदलाव लाएँ: पेपर के पुराने पैटर्न को याद रखने की बजाय कॉन्सेप्ट समझने पर ध्यान दें। यदि प्रश्नपत्र लीक्स हो जाए तो आपके पास गहन ज्ञान होगा, जिससे आप आसानी से उत्तर दे पाएँगे।
परीक्षा केंद्र में पहुंचते समय अपना फोटो‑आईडी और एडमिट कार्ड दोबारा जांचें। अगर कोई असामान्य व्यवहार दिखे – जैसे बहुत देर तक पेपर खुला रखना या अनधिकृत व्यक्ति प्रवेश कर रहा हो – तो तुरंत प्रॉक्टर को सूचित करें।
डिजिटल सुरक्षा के लिए अपने मोबाइल, लैपटॉप और ई‑मेल अकाउंट पर दो‑स्तरीय ऑथेंटिकेशन लगाएँ। कई बार लीक का पहला स्रोत ऑनलाइन है; एक मजबूत पासवर्ड और नियमित अपडेट आपके डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं।
अगर आपको कोई लीकी हुई पेपर मिलती भी है, तो उसे उपयोग न करें। इससे आपका रैंकिंग जोखिम में पड़ सकता है और भविष्य में आप पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हमेशा याद रखें, परीक्षाओं का मूल उद्देश्य आपके ज्ञान को मापना है, ना कि शॉर्टकट लेना।अंत में यह कहना चाहिए कि लीक पूरी तरह रोकी नहीं जा सकती, लेकिन सतर्कता और सही तैयारी से आप उसका असर कम कर सकते हैं। अपने लक्ष्य पर फोकस रखें, भरोसेमंद जानकारी अपनाएँ और परीक्षा के दिन आत्मविश्वास से भरपूर रहें। सफलता उन्हीं को मिलती है जो मेहनत के साथ समझदारी भी रखते हैं।
नीट पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड अमित आनंद ने कबूल किया कि परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्न पत्र को लीक किया गया था। यह घटना 4 मई को हुई, जब 5 मई को नीट की परीक्षा होनी थी। आनंद ने बताया कि छात्रों को प्रश्न पत्र और उत्तर दिए गए थे, जो उन्होंने रातभर में याद किए। इसके बदले प्रत्येक छात्र ने 30-32 लाख रुपये चुकाए।
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